ग्राम पंचायतों और अन्य स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा भूमि और अन्य संपत्ति का प्रबंधन-हिंदी
ग्राम पंचायत या अन्य स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा भूमि और अन्य संपत्तियों का प्रबंधन बताइए
ग्राम पंचायतों और अन्य स्थानीय प्राधिकरण को भूमि आदि का सौंपा जाना (Entrustment of Land etc. to Gram Panchayats & other Local Authorities) :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 59 के अनुसार (1) राज्य सरकार भी तरीके से प्रकाशित किए जाने वाले साधारण या विशेष आदेश द्वारा इस संहिता के उपबंधों के अनुसार अधीक्षण, संरक्षण, प्रबंधन और नियंत्रण के प्रयोजनों के लिए ग्राम पंचायत या किसी अन्य स्थानीय प्राधिकरण को उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट ऐसी समस्या या कोई चीजें सौंप सकती है जो राज्य सरकार में निहित हो|
(2) निम्नलिखित चीजें उपधारा (1) के अधीन किसी ग्राम पंचायत या अन्य स्थानीय प्राधिकरण को सौंपी जा सकती है अर्थात्-
1. किसी जोत या बाग में तत्समय समाविष्ट भूमि के सिवाय भूमि जो खेती योग्य हो या अन्यथा हो
2. ग्राम पंचायत की भूमि पर लगा बाग, चरागाह, कब्रिस्तान, श्मशान घाट, उर्वरक गर्तें, खलिहान, चकरोड़ संपर्क मार्ग, सेक्टर मार्ग, नदी तल, भूमि सड़क, सड़क के खंती, मलिन जल क्षेत्र
3. वन और मत्स्य क्षेत्र
4. किसी जोत में या किसी जोत सीमा पर या किसी बाग या आबादी में स्थित वृक्षों से भिन्न वृक्ष या दखल न की गई हुई भूमि पर स्थित कोई वृक्ष
5. हाट, बाजार, मेला, तालाब, सरोवर, जलमार्ग नौघाट, पगडंडी और आबादी स्थल;
6. निखत निधि अधिनियम 1878 (Treasure Trove Act, 1878) के अधीन धारा 55 विनिर्दिष्ट और राज्य सरकार से संबंधित कोई संपत्ति;
(3) ऐसी प्रत्येक भूमि या अन्य चीज, जो-
(क) उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम 1953 या उत्तर प्रदेश अधिकतम जोत सीमा आरोपण अधिनियम 1960 के उपबंधों के अधीन किसी ग्राम पंचायत या किसी अन्य स्थानीय प्राधिकरण में निहित हो
(ख) इस संहिता द्वारा निर्मित किसी अधिनियम के अधीन किसी ग्राम पंचायत या किसी अन्य स्थानीय प्राधिकरण के प्रभार के अधीन रखी गई हो
(ग) इस संहिता के प्रारंभ होने के पूर्व या उसके पश्चात किसी ग्राम पंचायत या किसी अन्य स्थानीय प्राधिकरण के कब्जे में अन्यथा आई हो
उसे संहिता के उपबंधों के अनुसार अधीक्षण, संरक्षण, प्रबंधन और नियंत्रण के प्रयोजन आर्थिक संहिता के प्रारंभ होने के दिनांक से या उसके किस प्रकार कब्जे से आने के दिनांक से यथास्थिति ऐसी ग्राम पंचायत या अन्य स्थानीय प्राधिकरण को सौंपा हुआ समझा जाएगा|
(4) राज्य सरकार विहित रीति प्रकाशित किए जाने वाले अनुवर्ती आदेश द्वारा
(क) उपधारी (1) के अधीन जारी किए गए किसी पूर्ववर्ती आदेश में परिवद्धन कर सकती है, संशोधन कर सकती है, परिवर्तन कर सकते हैं या उसे निरस्त कर सकती है
(ख) अधीक्षण संरक्षण प्रबंधन और नियंत्रण के लिए उपधारा (1) या उपधारा (3) के अधीन सौंपी गई या सौंपी हुई समझी गई किसी भूमि या अन्य चीज को किसी अन्य ग्राम पंचायत या अन्य स्थानीय प्राधिकरण को अंतरित कर सकती है
(ग) किसी ग्राम पंचायत या स्थानीय प्राधिकरण को सौंपी गई है सौंपी हुई समझी गई या अंतरित की गई किसी भूमि अन्य चीज को ऐसी निबंधन एवं शर्तों पर जैसे कि विहित की जाए वापस ले सकती हैं
(घ) ऐसी शर्तें और निबंधन आरोपित कर सकती है जिनके अध्ययन किस धारा के अधीन अधीक्षण संरक्षण प्रबंधन और नियंत्रण की शक्तियों का प्रयोग किया जाएगा
(5) जहां उपधारा (2) में निर्दिष्ट कोई चीज किसी ग्राम पंचायत को सौंपी गई हो या सौंपी हुई समझी गई हो और ग्राम या उसका ऐसा कोई भाग जिसमें ऐसी चीज स्थित हो ग्राम पंचायत के क्षेत्र के बाहर हो वहां ऐसी ग्राम पंचायत या उसकी भूमि प्रबंधक समिति इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए किसी साधारण या विशेष आदेश के अध्यधीन इस संहिता या उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 द्वारा या उसके अधीन ग्राम पंचायत या किसी भूमि प्रबंधक समिति पर समनुदेशित अधिरोपित या प्रदत्त क्रत्यों कर्तव्य और शक्तियों का निष्पादन निर्वहन और प्रयोग करेगी मानव वह ग्राम या उसका भाग भी उसके क्षेत्र में आता हो
(6) जहां उपधारा (2) के अधीन विनिर्दिष्ट कोई चीज ग्राम पंचायत सेविंग किसी स्थानीय प्राधिकरण को सौंपी गई हो या सौंपी हुई समझी गई हो वह इस अध्याय के उपबंध यह आवश्यक परिवर्तन साहित्य से स्थानीय प्राधिकरण पर लागू होंगे
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