किसी नि:शक्त व्यक्ति द्वारा पट्टा कब किया जाता है-हिंदी

किसी नि:शक्त व्यक्ति द्वारा पट्टा कब किया जाता है ?

किसी निशक्त व्यक्ति द्वारा पट्टा करना :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 95 के अनुसार कोई भूमिका रही है ग्राम पंचायत से प्राप्त भूमि धारण करने वाला कोई ऐसा में एक बार में 3 वर्ष की सीमा से अधिक अवधि के लिए अपने पूरे जोतिया भाग को पट्टे पर दे सकता है यदि वह निशक्त व्यक्ति है अर्थात वह नीचे लिखित वर्गों में से किसी एक वर्ग का है :-

(क) मानसिक रूप से बीमार या मंदबुद्धि व्यक्ति ऐसे मामले में उसके अभिभावक द्वारा या उसके संपत्ति के प्रबंधक द्वारा पट्टा किया जाता है

(ख) किसी शारीरिक अशक्तता के कारण खेती करने के लिए असमर्थ कोई व्यक्ति

(ग) कोई देवता या वक्फ हो

(घ) कोई विधवा या कोई अविवाहित स्त्री

(ड़) विवाहित महिला परंतु वह तलाकशुदा हो या उसके पति द्वारा छोड़ दिया गया हो या अपने पति से न्यायिक रूप से प्रथक है (या अपने पति अपने पति के संबंधियों की क्रूरता के कारण प्रथक रह रही हो या उसका पति वर्ग (क) वर्ग (ख) वर्ग (छ) या वर्ग (ज) का हो;

(च) कोई अवयस्क जिसका पिता या तो मृत है या वर्ग (क) वर्ग (ख) वर्ग (छ) या वर्ग (ज)  का वर्ग का  वर्ग (झ) वर्ग (ञ) का हो ऐसे मामले में उसकी संपत्ति के अभिभावक द्वारा पट्टा किया जाता है;

(छ) 45 वर्ष की आयु से नीचे का ऐसा व्यक्ति जो किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्था में अध्ययन कर रहा है और जिसका पिता या तो मृत है या वर्ग (क) वर्ग (ख) वर्ग वर्ग (ज) वर्ग (झ) या वर्ग (ञ) का है|

(ज) भारत सरकार के थल सेना नौसेना या वायु सेना संबंधी सेवा में सेवारत कोई व्यक्ति है उसके साथ रह रही उसकी पत्नी और उसके साथ रह रहा है उसका पति

(झ) कोई अन्य व्यक्ति जो विहित कारणों से अपनी जोत में खेती करने में असमर्थ है

(ञ) निरोध के अधीन या कारावास भोग रहा कोई व्यक्ति

(2) जहां उत्तर प्रदेश कृषि सुधार अधिनियम 1973 के अधीन कार्यवाहियों में कोई बैंक किसी भूमि को अधिग्रहीत करता है वह एक बार में एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए ऐसे संपूर्ण भूमि या उसके भाग को पट्टे पर दे सकता है और उक्त अवधि की समाप्ति के पश्चात पट्टा धारक का इस प्रकार पट्टे पर दी गई भूमि में कोई अधिकार, हक या हित समाप्त हो जाएगा|

स्पष्टीकरण :- पद मानसिक रूप से बीमार और मंद- बुद्धि के वही अर्थ होंगे जो मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 1987 (अधिनियम संख्या 14 सन 1987) में उनके लिए दिए गए हैं


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