पुरुष भूमिधर, असामी या सरकारी पट्टेदार के उत्तराधिकार का सामान्य क्रम

पुरुष भूमिधर, असामी या सरकारी पट्टेदार के उत्तराधिकार का सामान्य क्रम बताइए

पुरुष भूमिधर, असामी या सरकारी पट्टेदार के उत्तराधिकार का सामान्य क्रम बताइए


पुरुष भूमिधर असामी धारा या सरकारी पट्टेदार के उत्तराधिकार का सामान्य क्रम(General order of succession of a male bhumidhar, asami or government lessee) :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 108 के अनुसार (1) धारा 107 के उपबंधों के अधीन रहते हुए किसी पुरुष भूमिधर, असामी या सरकारी पट्टेदार की मृत्यु हो जाने पर उसकी जोत में उसके हित का न्यागमन उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट उसके उत्तराधिकारी यों को नातेदार होने पर नीचे दिए गए सिद्धांत के अनुसार होगा:-

1. उपधारा (2) के किसी एक खंड में विनिर्दिष्ट उत्तराधिकारी का एक साथ समान अंश प्राप्त करेंगे|

2.उपधारा(2)के किसी पूर्ववर्ती खंड में विनिर्दिष्ट उत्तराधिकारी से उत्तरवर्ती खंडों में विनिर्दिष्ट समस्त उत्तराधिकारीअपवर्जित  होंगे, अर्थात खंड (क) में स्थित उत्तराधिकारी खंड (ख) में स्थित उत्तरअधिकारियों से अधिमानता प्राप्त करेंगे और खंड (ख) में स्थित उत्तराधिकारी खंड (ग) में स्थित उत्तराधिकारी से उत्तराधिकार में अधिमान्यता प्राप्त करेंगे, आदि|

3. भूमिधर आसामी या सरकारी पट्टे दार या किसी पूर्वमृत पुरूष वंशानुगत उत्तराधिकारी जो यदि जीवित होता तो प्राधिकारी होता के यदि एक से अधिक विधवायें तो ऐसी समस्त विद्वान एक साथ समान अंश प्राप्त करेंगी|

4. विधवा या विधवा माता या पिता की विधवा माता या किसी पूर्वमृत पुरुष वंशानुगत उत्तराधिकारी जो यदि जीवित होता तो तो अधिकारी होता की विधवा को केवल तभी उत्तराधिकार प्राप्त होगा यदि उसने पुनर्विवाह न किया हो 

(2) उपधारा (1) के उपबंध में अध्ययन पुरुष भूमिधर असामी या सरकारी पाटीदार के निम्नलिखित रिश्तेदार उत्तराधिकारी हैं, अर्थात- 

(क) विधवा अविवाहित पुत्री और पौत्रादिक क्रम में पुंजातीय वंशज प्रति शाखा के अनुसार :

         परंतु यह है कि किसी पूर्व अमृत पुत्र के पुत्र और विधवा  चाहे वह जितनी भी नीची पीढ़ी में हो को विरासत में वह अंश मिलेगा जो पूर्वमृत पुत्र को यदि वह जीवित होता न्यायगत होता

(ख) माता और पिता 

(ग) निकाल दिया गया

(घ) विवाहित पुत्री

(ड़) भाई और अविवाहित बहिन जो क्रमशः उसी मृत पिता के पुत्र और पुत्री हूं और पूर्वमृत भाई का पुत्र जब पूर्वमृत भाई उसी मृत पिता का पुत्र हो

(च) पुत्र की पुत्री

(छ) पिता की माता और पिता के पिता

(ज) पुत्री का पुत्र

(झ) विवाहित बहन

(ञ) सौतेली बहन जो उसी मृत पिता की ही पुत्री हो

(ट) बहन का पुत्र

(ठ) सौतेली बहन का पुत्र जहां बहन उस मृत पिता की ही पुत्री        हो

(ड़) भाई के पुत्र का पुत्र

(ढ़) पिता के पिता का पुत्र

(ण) पिता के पिता के पुत्र का पुत्र

(त) माता की माता का पुत्र



कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.