मानचित्र और अभिलेख के पुनरीक्षण की प्रक्रिया
मानचित्र और अभिलेख के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का पूर्ण रूप से वर्णन कीजिए
मानचित्र और अभिलेख के पुनरीक्षण की प्रक्रिया :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 49 के अनुसार (1) धारा 46 और 47 के अधीन मानचित्र और अभिलेख का पुनरीक्षण करने के लिए अभिलेख अधिकारी उपधारा (2) से (8) तक के उप- बंधों के अधीन रहते हुए विहित प्रक्रिया के अनुसार सर्वेक्षण मानचित्र में सुधार के खेतवार पड़ताल और चालू अधिकार अभिलेख खतौनी का परीक्षण और सत्यापन कराएगा|
(2) चालू अधिकार अभिलेख का परीक्षण और सत्यापन हो जाने के पश्चात नायब तहसीलदार ऐसे अभिलेख में लेखन संबंधी भूलों और गलतियों को यदि कोई हो शुद्ध करेगा और संबंध खातेदारों और अन्य हितबद्ध व्यक्तियों को नोटिस जारी करेगा जिसमें चालू अधिकार अभिलेख और ऐसे अन्य अभिलेख से जो विहित किया जाए सुसंगत उद्धरण दिए जाएंगे जिसमें भूमि के संबंध में उनका अधिकार और दायित्व और उपधारा (1) में वर्णित क्रियाओं के दौरान में पाई जाने वाली भूलों और विवादों का उल्लेख किया जाएगा|
(3) कोई व्यक्ति जिसे उपधारा (2) के अधीन नोटिस जारी की गई हो नोटिस की प्राप्ति के दिनांक से 21 दिन के भीतर नायब तहसीलदार के समक्ष उसके संबंध में आपत्तियां प्रस्तुत कर सकता है जिसमें ऐसे अभिलेख या उद्धरण की प्रविष्टियां की शुद्धता या उसके प्रकार पर विवाद प्रकट किया गया हो|
(4) भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति उपधारा (5) के अनुसार विवाद के तय किए जाने के पूर्व किसी समय नायब तहसीलदार के समक्ष या उपधारा (6) के अनुसार का आपत्तियों का विनिश्चय किए जाने के पूर्व किसी समय सहायक अभिलेख अधिकारी के समक्ष आपत्ति पेश कर सकता है
(5) नायब तहसीलदार :-
(क) जहां उपधारा (3) और (4)के अनुसार आपत्तियों प्रस्तुत की जाएं वहां संबंध पक्षकारों की सुनवाई करने के पश्चात और
(ख) किसी अन्य स्थिति में ऐसी जांच करने के पश्चात जिसे वह आवश्यक समझे भूल का सुधार करेगा और अपने समक्ष उपस्थित होने वाले पक्षकारों के बीच समझौता द्वारा विवाद का निपटारा कराएगा और ऐसे समझौतों के आधार पर आदेश देगा|
(6) ऐसे समस्त मामलाें का अभिलेख जिनका निस्तारण नायब तहसीलदार द्वारा उपधारा (5) की अपेक्षा अनुसार समझौता द्वारा नहीं किया जा सकता सहायक अभिलेख अधिकारी को भेज दिया जाएगा जो उनका निस्तारण धारा 24 में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करेगा और जहां विवाद में हक का प्रश्न अंतर्गत हो वहां वह उसका विनिश्चय सरसरी तौर पर जांच करने के पश्चात करेगा
(7) जहां उपधारा (6) के अधीन सरसरी तौर पर जांच करने के पश्चात सहायक अभिलेख अधिकारी को समाधान हो जाएगी विवादग्रस्त भूमि राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी की है वहां ऐसी भूमि पर अप्राधिकृत अध्यासन रखने वाले व्यक्ति को बेदखल कराएगा और इस प्रयोजन के लिए ऐसे बल का प्रयोग कर सकता है या करा सकता है जो आवश्यक है|
(8) उपधारा (6) या धारा (7) के अधीन सहायक अभिलेख अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति ऐसे आदेश के दिनांक से 30 दिन के भीतर वितरित इसे अभिलेख अधिकारी को अपील कर सकता है और अभिलेख अधिकारी का ऐसी अप्रैल पर प्रत्येक आदेश धारा 210 के उपबंधों के अधीन रहते हुए अंतिम होगा
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