ग्राम अभिलेखों का पुनरीक्षण ||Gram Abhilekhon Ka Punrikshan

ग्राम अभिलेखों का पुनरीक्षण बताइए|
(Explain the revision of Villages Records)

(Gram Abhilekhon Ka Punrikshan)

अभिलेख और सर्वेक्षण क्रिया की अधिसूचना :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 43 के अनुसार (1) जब कभी राज्य सरकार की राय हो कि किसी जिले अन्य किसी स्थानीय क्षेत्र में अभिलेखों का पुनरीक्षण या पुन: सर्वेक्षण या दोनों आवश्यक है तो वह इस आशय की अधिसूचना प्रकाशित करेगी और तदुपरांत ऐसा जिला या क्षेत्र यथास्थिति अभिलेख क्रिया  या सर्वेक्षण क्रिया कया दोनों के अधीन समझा जाएगा|

(2) राज्य सरकार गजट में अधिसूचना द्वारा आदेश दे सकते हैं कि आबादी या ग्राम आबादी की सर्वेक्षण कराया अभिलेख क्रिया या दोनों वितरित इसे की जायेगी|

(3) राज्य सरकार अनुवर्ती अधिसूचना द्वारा उपधारा (1) या  उपधारा (2) के अंतर्गत जारी की गई अधिसूचना को संशोधित या रद्द कर सकती है यह उस क्रिया को समाप्त घोषित कर सकती है|

अभिलेख अधिकारी और सहायक अभिलेख अधिकारी :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 44(1) के अनुसार राज्य सरकार एक अभिलेख अधिकारी नियुक्त कर सकती है जो अभिलेख क्रिया या सर्वेक्षण कराया दोनों का प्रभारी होगा और इतने सारे एक अभिलेख अधिकारी भी नियुक्त कर सकती है जितने वह उचित समझें

(2) सहायक अभिलेख अधिकारी जब तक धारा 43 की उप- धारा (1) या उपधारा (2) के अधीन अधिसूचना प्रवृत्त रहे इस संहिता द्वारा उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेगा और ऐसे अन्य कर्तव्य का पालन करेगा जो अभिलेख अधिकारी द्वारा सौंपी जाए|

अभिलेख या सर्वेक्षण क्रिया के दौरान अभिलेख अधिकारी की शक्ति (Power of Record Offi- cer during Record or Survey Operati-on) :-  उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 45 के अनुसार जब कोई जिला या अन्य स्थानीय क्षेत्र अभिलेख गया सर्वेक्षण क्रिया के अधीन हो वहां धारा 23 से 26 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग अभिलेख अधिकारी द्वारा किया जाएगा|

अभिलेख क्रिया के दौरान अभिलेख का पुनरीक्षण :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 46 के अनुसार जब कोई जिल या स्थानीय क्षेत्र अभिलेख क्रिया के अधीन हो तब अभिलेख अधिकारी उसमें सम्मिलित प्रत्येक ग्राम के क्षेत्र पणजी खसरा और अधिकार अभिलेख खतौनी आबादी आगरा माओवादी के अभिलेख का पुनरीक्षण कराएगा

सर्वेक्षण क्रिया के दौरान अभिलेख का पुनरीक्षण :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 47 के अनुसार जब कोई जिला स्थानीय क्षेत्र सर्वेक्षण क्रिया के अधीन हो तब अभिलेख अधिकारी उसमें सम्मिलित प्रत्येक ग्राम का एक मानचित्र तैयार कर आएगा और तत्पश्चात यथास्थिति क्षेत्र पंजी खसरा) और अधिकार अभिलेख (खतौनी) की आबादी अथवा ग्राम आबादी का अभिलेख के पुनरीक्षण की कार्यवाही करेगा

सीमा चिन्हों के निर्माण के संबंध में अभिलेख अधि- कारी की शक्ति :- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2016 की धारा 48 के अनुसार जब कोई स्थानीय क्षेत्र सर्वेक्षण क्रिया के अधीन हो तो अभिलेख अधिकारी सभी ग्राम पंचायत और भूमि धरों को निर्देश देते हुए उद् घोषणा जारी करेगा कि वे गांवों और क्षेत्रों की सीमाओं को सीमांकन करने के लिए 15 दिन के भीतर कोई सीमा ऐसी सीमा चिन्हों का निर्माण करें जैसा वह आवश्-   यक समझे और व्यतिक्रम होने पर वह से सीमा चिन्हों का नि- र्माण करवा सकता है और कलेक्टर संबंधित ग्राम पंचायतों या भूमिधरो से उनके निर्माण के लागत की वसूली करेगा|



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