लिखित अभिस्वीकृति के प्रभाव-Effect of Acknowledgement of Liability

 दायित्व की अभिस्वीकृति का कालावधि पर क्या प्रभाव पड़ता है| (What is the effect of Acknowledgement of Liability on Limitation?)


दायित्व की अभिस्वीकृति का कालावधि पर प्रभाव (Effect of Acknowledgement of Liability on Limitation) :- दायित्व की लिखित अभिस्वीकृति प्रभाव के संबंध में परिसीमा अधिनियम 1963 की धारा 18 का कहना है कि

1. जब किसी अधिकारी या संपत्ति के संबंध में कोई वाद या आवेदन पत्र के लिए निर्धारित समय की समाप्ति से पहले संपत्ति या अधिकार का लिखित दायित्व जो उस पक्ष के द्वारा जिसके विरुद्ध ऐसा दावा किया गया है या अन्य किसी का अधिकार पैदा होता है हस्ताक्षर किए वहां हस्ताक्षर के तारीख से नई अवधि की गणना की जाएगी


लिखित अभिस्वीकृति के प्रभाव-Effect of Acknowledgement of Liability
लिखित अभिस्वीकृति के प्रभाव-Effect of Acknowledgement of Liability


2. जहां हस्ताक्षर करते समय तारीख को नहीं लिखा गया है तो इस संबंध में मौखिक साक्ष्य दिया जा सकता है किंतु यह साक्ष्य भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के अनुसार मान्य नहीं होगा

स्पष्टीकरण (Explanation) :- धारा 18 के उद्देश्य के लिए-

(अ) प्रत्येक अभिस्वीकृति पर्याप्त होती है भले ही वह किसी संपत्ति अधिकार को विशिष्ट रूप से वर्णित न करती हो

(ब) हस्ताक्षर करने का तात्पर्य अपने द्वारा या अधिकृत अभिकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित से तात्पर्य है

(स) आज्ञाप्ति या आदेश के निष्पादन के लिए किसी प्रार्थना पत्र को समपत्ति या अधिकार के बारे में प्रार्थना पत्र नहीं समझा जाएगा

      धारा 18 के अंतर्गत अभिस्वीकृति शब्द का अर्थ है किसी व्यक्ति द्वारा अपने निजी दायित्व को स्वीकार करना यह अभिस्वीकृति स्पष्ट या उपलक्ष्य किसी भी तरीके से हो सकती है अभी स्वीकृति किसी व्यक्ति को अधिकारियों स्वत्व प्रदान नहीं करती बल्कि यह केवल वाद दायर करने की कालावधि में विस्तार करती है


अभिस्वीकृति के आवश्यक तत्व (Essential of Acknowledgement) -

1. अभिस्वीकृति निर्धारित कालावधि खत्म होने से पूर्व की जाए :- अभिस्वीकृति निर्धारित कालावधि खत्म होने से पूर्व की जानी चाहिए उसके उपरांत उससे कोई लाभ नहीं होगा

2. अभिस्वीकृति लिखित होनी चाहिए :- अभि स्वीकृति का मौखिक ना होकर लिखित होना अनिवार्य है

3. अभिस्वीकृति उचित रूप से हस्ताक्षरित होनी चाहिए :- अभिस्वीकृति को लिखित होने के साथ-साथ उचित रूप से हस्ताक्षरित भी होना अनिवार्य है

4. अभिस्वीकृति किसी विद्यमान दायित्व की होनी चाहिए :- अभिस्वीकृति के लिए किसी दायित्व का होना आवश्यक है

उदाहरणार्थ :-  अ ने 1 जनवरी 1995 को ब को ₹10000 अग्रिम दिये अने ब से 15 जनवरी 1996 को अपनी रकम की मांग की ब ने उत्तर दिया कि आपने मुझे ₹10000 दिए थे किंतु मुझे आपके साथ संव्यवहार में ₹1000 का नुकसान हुआ है अतः मैं आपको केवल ₹9000 ही दूंगा यहां ब ने ₹10000 के बारे में पर्याप्त अभिस्वीकृति की है अतः अ ₹10000 देने के लिए उत्तरदाई है

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